Sunday, April 17, 2016

Picture Reading Card or Chitra Pathan Card to improve writing skill for classes 5, 6 and 7 with SOLUTIONS/ANSWERS

मैं वैली स्कूल  में पढ़ाती हूँ । यहाँ पर मिडिल स्कूल और हाई स्कूल की कक्षाएँ लेती हूँ । वैली स्कूल में हम पाठ्य पुस्तक का प्रयोग न कर विभिन्न साधनों का प्रयोग कर विभिन्न विषय छात्र-छात्राओं को सिखाते हैं । इसलिए व्याकरण के मुद्दों को सिखाने के लिए हम विभिन्न स्रोतों से सामग्री संकलित करते हैं जिससे छात्र -छात्राएं विषय को अच्छी तरह से समझ सकें । इस ब्लॉग में प्रकाशित कार्य - पत्रिकाएं  और अभ्यास -पत्रिकाएं विभिन्न पाठ्य -पुस्तकों, व्याकरण पुस्तकों और रचनात्मक पुस्तकों  से एकत्रित की गई हैं । यहाँ मैं इस सामग्री को शीर्षक के अनुसार और प्रत्येक कक्षा के स्तर के अनुरूप प्रस्तुत कर रही हूँ । इस प्रकार यह स्पष्ट है कि विषय -सामग्री पर मैं अपना अधिकार नहीं जमा सकती । मैं इसे संकलित करने का दावा अवश्य कर सकती हूँ । विशेष रूप से यह कि इस विषय सामग्री को एक व्यवस्थित और संगठित ढंग से कक्षा के अनुरूप पढ़ाने और बच्चों को अच्छी तरह से समझाने का दावा कर सकती हूँ । इस विषय सामग्री को अध्यापक और अध्यापिकाओं के साथ-साथ सभी छात्र-छात्राओं के साथ बांटने में मुझे बहुत ख़ुशी है और मैं सभी पुस्तकों और उन्हें लिखने वालों का शुक्रिया करती हूँ कि उन्हीं के कामों को पहले मैंने अपने अध्यापन में प्रयोग किया और अब सबके साथ इसे बांट कर मैं सभी लेखकों के काम को बहुत से लोगों तक पहुंचा रही हूँ । आशा है कि आप सब को मेरा यह प्रयत्न पसंद आएगा और सभी के लिए यह सामग्री उपयोगी सिद्ध होगी ।  

कक्षा पाँच के लिए 


उत्तर - १. चित्र में मैं गाय ,गधा , ऊँट , भैंस , बकरी , घोड़ा , बैल और भैंसा देख रहा हूँ | 
२. इन में से दूध देने वाले पशु गाय, बकरी , ऊँट  और भैंस हैं | 
३. गधा बोझ उठाने और सवारी के काम आता है | 
४. सवारी के काम ऊँट, गधा और घोड़ा आते हैं | 
५. बैल खेत में हल जोतने और गाड़ी चलाने के काम आता है | 
६. ऊँट से बोझ उठाने और सवारी के काम लिए जाते हैं | 
७. भैंसा बोझ उठाने और गाड़ी चलाने के काम आता है | 
८. मरुस्थल का जहाज ऊँट कहलाता है | 
उत्तर - १. बन्दर के हाथ में सेफ्टी -रेजर है | 
२. वह सेफ्टी रेजर से अपनी हजामत कर रहा है | 
३. बन्दर के मुँह से खून इसलिए टपक रहा है क्योंकि उसने सेफ्टी रेजर से अपनी हजामत करने की कोशिश की | 
४. बंदर ने सेफ्टी मेज़ से उठाई होगी जब नाई खाना खाने गया होगा | 
५. बंदर को हजामत करने की इसलिए सूझी क्योंकि उसने नाई को हजामत करते हुए देखा होगा और बन्दर नकलची होते हैं | 
६. हजामत करने वाला आदमी मेज से दूर खड़ा किसी से बातें कर रहा है | 
७. इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि नकल करने के लिए अक्ल की ज़रूरत होती है | 
उत्तर - १. ये दुकानें सब्ज़ियों और फलों की हैं | 
२. सब्ज़ी मंडी में सब्ज़ियाँ , साग , अनाज , दालें , चावल और फल आदि मिलते हैं | 
३. बेचने वाले ग्राहकों को बुलाने के लिए चिल्ला रहे हैं ताकि वे अपना सामान बेच सकें | 
४. ग्राहक सब्ज़ी लेने से पहले सब्ज़ी को अच्छी तरह से देखते हैं | 
५. दुकानदार सब्ज़ी को तराजू से तोलता है | 
६. ग्राहक सब्ज़ी लेकर दुकानदार को रुपए देते हैं | 
७. मुझे आलू , गोभी और भिंडी पसंद है | 
उत्तर - १. चित्र में यह पेड़ नारियल का है | 
२. नारियल पर आदमी चढ़ा होगा क्योंकि वह नारियल निकालना चाहता होगा | 
३. उसका हाथ छूट गया होगा इसलिए वह लटक रहा है | 
४. यदि वह लटका रहेगा तो वह कभी भी गिर सकता है | 
५. वह मुँह से सहायता करने के लिए चिल्ला रहा है | 
६. सहायता के लिए ऊँट पर बैठ कर एक आदमी आ रहा है | 
७ हाँ , वह उसे नीचे उतार सकेगा | 
उत्तर - १. यह खेत का चित्र है | 
२. किसान खेत में हल चला रहा है | 
३. इस चित्र में दो बैल हैं | 
४. सामने एक आदमी और एक बच्चा खड़े हैं | 
५. किसान हल चलाकर खेत में बीज बोएगा | 
६. किसान ने धोती और पगड़ी पहन रखी है | 
७. हाँ , इस चित्र में गाँव दिखाई देता है | 
उत्तर - १. रेवड़ी गुड़ और तिल की बनती है | 
२. लड़की रेवड़ी खरीद रही है | 
३. रेवड़ी वाला रेवड़ी तौल रहा है | 
४. रेवड़ी ठेले पर काँच के एक संदूक में रखी है | 
५. रेवड़ी खाने पर कड़-कड़ की आवाज होता है | 
उत्तर - १. घड़ी समय बताने के काम आती है | 
२. प्रत्येक घड़ी में तीन सुइयाँ होती हैं | 
३. छोटी सुई से घंटे का पता चलता है | 
४. बड़ी सुई मिनट बताती है | 
५. दो , छ: , साढ़े तीन , नौ बजकर पाँच मिनट | 
६. घड़ी पर कुल १२ संख्याएँ हैं | 
उत्तर - ७. मैनें तीन तरह की घड़ियाँ देखी हैं - मेज़ पर रखने की , दीवार पर लटकाने की , हाथ पर पहनने की | 

उत्तर - १. यह चित्र मोहन का है | 
२. मेरा  मित्र पढ़ने में बहुत योग्य है |
३. मेरा मित्र प्रत्येक परीक्षा में पहला स्थान पाता है | 
४. मेरे मित्र के पिताजी प्राध्यापक और माता जी अध्यापिका हैं | 
५. मैं ऐसे योग्य बालक से मित्रता करके अपने आपको धन्य समझता हूँ |  
उत्तर - १. लोमड़ी इधर -उधर भोजन की तलाश में घूम रही थी | 
२. चलते -चलते लोमड़ी एक बाग में पहुँच गई | 
३. बाग में उसने बेलों पर लगे पके अंगूरों के गुच्छे देखे | 
४. अंगूरों को देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी भर आया | 
५. इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि हमें चीज़ न मिलने पर चीज़ को दोष नहीं देना चाहिए | 

उत्तर - १. इस चित्र में रेहड़ी वाला , सिर पर टोकरी रखे एक स्त्री, गुब्बारे वाला ,  खिलौने वाला , पानी भरते हुए एक बच्चा , एक औरत बच्चे के साथ , एक आदमी एक बच्ची के साथ , एक लड़की गुब्बारा पकडे हुए और गेंद पकड़े एक लड़का देख रहा हूँ | 
२. यह चित्र सागर के किनारे का हो सकता है | 
३. चित्र में व्यक्ति अपने बच्चे के लिए खिलौने खरीद रहा है | 
४. व्यक्ति के पास बच्ची खड़ी है क्योंकि उसे खिलौना खरीदना है | 
उत्तर - ५. स्त्री की सिर पर टोकरी है |
 ६. स्त्री की गोद में बच्चे ने गुब्बारा पकड़ा हुआ है |
 ७. गुब्बारे वाले के पीछे एक लड़की गुब्बारा लिए जा रही है | 
८. खड़े हुए आदमी के हाथ में थैला है | 
९. नल पर खड़ा बच्चा बाल्टी लिए है | 
१०. रेहड़ी वाला खिलौने बेच रहा है | 
कहानी - एक बार एक आदमी अपनी बच्ची के साथ जुहू चौपाटी घूमने गया | चौपाटी को देखकर लड़की खुश हो गई क्योंकि वहाँ पर पानी के साथ वह खेल सकती थी |  वह काफी देर तक पानी के साथ खेलती रही | उसके बाद उसने गोला खाया | फिर पिताजी से खिलौने दिलाने की ज़िद की | खिलौने लेने के बाद लड़की ने गुब्बारे ख़रीदे |  फिर उसे पानी की प्यास लगी | वह नल के पास गई , वहाँ उसने एक लड़के को पानी भरते देखा तो उससे पीने के लिए पानी माँगा | फिर लड़की ने अपने पिताजी से कहा कि वह थक गई है और उसे घर जाना है | दोनों घर की तरफ चल दिए |  



उत्तर - १. चित्र में एक लड़की दूसरी लड़की की आंखें बंद कर रही है | 
२. इस खेल का नाम आँख -मिचौनी है | 
३. इस खेल में कई बच्चे होते हैं | एक बच्चे की आँखें बंद की जाती हैं और दूसरे बच्चे छिप जाते हैं | जब सब बच्चे छिप जाते हैं तो जिस बच्चे की आँखें बंद की जाती हैं | उसकी आँखें खोल दी जाती हैं और उसे छिपे हुए बच्चों को ढूँढना पड़ता है | जो भी बच्चा पहले पकड़ा जाता है , उसे अब चोर बनना पड़ता है यानि कि वह आँखें बंद करता और दूसरे बच्चे छिप जाते हैं | फिर वह दूसरे छिपे बच्चों को पकड़ता है | ऐसे ही खेल चलता रहता है | 
४. इस खेल में लीला पकड़ी गई | 
५. अब लीला अपनी बारी देगी | यानि कि वह छिपे हुए बच्चों को पकड़ेगी | 
संज्ञा - रेखा , शीला , अनिल , आशा , लीला , आँखें , नीलम , कमली , बबली , हाथ 
क्रिया - आओ , खेलें , बंद करो , छिप जाओ , भागो , आना , जाना , देगी , बताना , पकड़ी गई  

उत्तर - १. स्वामिभक्त प्राणी  २. बिल्ली  ३. शत्रु  ४. दाँत  ५. चोरों 
१. कुत्ता बिल्ली का जानी दुश्मन होता है | 
२. कुत्ता स्वामिभक्त प्राणी है | 
३. कुत्ता किसी नए आदमी को देखकर भौंकने लगता है | 
४. पुलिस की कुत्ते चोरों का भी पता लगा लेते हैं | 
५. नहीं , मैंने कुत्ता नहीं पाल रखा है | 

उत्तर - १. कबूतर तालाब  एक वृक्ष पर बैठा था | 
२. शिकारी कबूतर को मारना चाहता था क्योंकि वह उसका शिकार करना चाहता था | 
३. कबूतर की जान बची क्योंकि एक चींटी ने शिकारी के पैर में काट लिया | 
४. चींटी ने शिकारी के पैर में काटा क्योंकि वह कबूतर की जान बचाना चाहती थी | 
५. चींटी के काटने पर शिकारी ने अपना पैर पटका और उसकी आवाज सुनकर कबूतर उड़ गया | 
६. चींटी तालाब के पानी में डूब रही थी | 
७. कबूतर ने चींटी को बचाने के लिए एक पत्ती तोड़कर पानी में गिरा दी | जिससे चींटी उस पत्ती पर धीरे -धीरे चढ़कर बाहर आ गई | 
८. इस कहानी का शीर्षक है - कबूतर और चींटी | 

उत्तर - १. कबूतर को मारने के लिए एक शिकारी तीर से निशाना साधता है | 
२. शिकारी पैर पटकता है | 
३. आवाज सुनकर कबूतर उड़ जाता है | 
४. पेड़ पर बैठा कबूतर देखता है | 
५. बेचारी चींटी  डूब रही है | 
६.  चींटी उस पत्ते पर चढ़कर पानी से बाहर आ जाती है | 


 
उत्तर - १. दो हाथों में दस अंगुलियां होती हैं | 
२. पाँच और एक छ: होते हैं | 
३. ये ग्यारह मोमबत्तियाँ हैं | 
४. ग्यारह और चार पंद्रह होते हैं | 
५. ये तेरह गोलियाँ हैं | 
६. उन्नीस बीस से एक कम है | 
उत्तर - ७. लड़कों की चार कतारें हैं | 
८. प्रत्येक कतार में सात लड़के हैं | 
९. कुल लड़कों की संख्या अट्ठाईस है | 
१०. पाँच -पाँच तोतों की पाँच कतारों में पच्चीस तोते होंगे |  

उत्तर - १. मैं विद्यालय में पढ़ने जाता हूँ | 
२. मेरे विद्यालय का नाम वैली स्कूल है | 

उत्तर - ३. मैं विद्यालय पढ़ने के लिए जाता हूँ | 
४. मुझे अध्यापक पढ़ाते हैं | 
५. अध्यापक जी विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं | 
६. मैं डेस्क पर बैठता हूँ | 
७. अध्यापक जी कुर्सी पर बैठते हैं | 

१. मैं किताब से पढता हूँ | 
२. मैं कलम से लिखता हूँ |  

उत्तर - मैं कॉपी पर लिखता हूँ | 
अध्यापक कुर्सी पर बैठते हैं | 
अध्यापक जी श्यामपट पर लिखते हैं | 
मैं डेस्क पर बैठता हूँ | 
हम गेंद से खेलते हैं | 
मैं किताब पढ़ता हूँ | 
उत्तर - १. ईश्वर सब जगह रहता है |  
२. हम सब का पिता और माता भगवान हैं | 
३. हमें बुद्धि भगवान् ने दी है | 
४. बुद्धि से हम सोच कर काम करते हैं | 
उत्तर - ५. आँखें देखने के काम आती हैं | 
६. ईश्वर ने फल -फूल , अन्न , वायु और जल दिए हैं | 
७. हमें ईश्वर का ध्यान करना चाहिए | 

उत्तर - १. पहले चित्र में हम शेर और चूहे को देख रहे हैं | 
२. चूहा शेर की गर्दन पर चढ़कर खेल रहा है | 
३. चूहा शेर की गर्दन  के बाल कुतर रहा है | 



उत्तर - ४. शेर सो रहा है | 
५. चूहा शेर की गर्दन  से उतर गया है और उस से उसे छोड़ देने की माफी मांग रहा है | 
६. शेर चूहे पर दहाड़ रहा है | 
७. तीसरे चित्र में शेर जाल में फँसा पड़ा है | 
८. चूहा जाल काट रहा है | 

अभ्यास २- शेर , सो रहा , चूहा , ऊपर चढ़ा , खुली , चूहे , गर्दन , मार , कीजिए , कर्जा , जानवर , कर्ज , चूहे , जाल , फँस | 

उत्तर - निकला, राजा , आया , जाल , शिकारी , काट , था , काम | 
क्षमा - दण्ड , दया -क्रूरता , अधूरा - पूरा , निकलना - फँसना , फँसना - निकलना , नादानी -समझदारी, प्रसन्न - उदास  , दण्ड -दया  , पूरा -अधूरा | 
१. छोटा , बड़ा  २. फँसाया , निकाला  ३. प्रसन्न  ४. दण्ड  ५. इनाम 


उत्तर - १. इन चित्रों में लोमड़ी दिखाई गई है | 
२. लोमड़ी एक बगीचे में पहुँची हुई है | 
३. पहले चित्र में लोमड़ी अंगूरों की बेलों में अंगूरों के गुच्छे को निहार  रही है | 
उत्तर - ४. दूसरे चित्र में लोमड़ी अंगूरों के गुच्छों को खाने के लिए उछल रही है | 
५. नहीं , लोमड़ी अंगूरों तक नहीं पहुँच सकी| 
६. तीसरे चित्र में लोमड़ी बगीचे से बाहर जा रही है | 
७. अंगूर न मिलने पर लोमड़ी ने नाक सिकोड़ कर कहा ," ये अंगूर तो खट्टे हैं | मैं इन्हें नहीं खाऊँगी |" 

१. एक सप्ताह में सात दिन होते हैं | 
२ . मैं इतवार की छुट्टी करता हूँ | 
३.  सप्ताह रविवार को शुरू होता है | 
४. काम कान अंतिम दिन शनिवार है | 
५. शनिवार को लोग तेल दान करते हैं | 
६. मुसलमान मिलकर शुक्रवार को नमाज पढ़ते हैं | 
७. मंगलवार सोमवार के बाद आता है | 
८. बच्चे की पढ़ाई गुरूवार को शुरू कराई जाती है | 

२. मैं मंगलवार को अंग्रेजी पढ़ता हूँ | 
३. मैं बुधवार को सामाजिक विज्ञान पढ़ता हूँ | 
४. मैं गुरूवार को गणित पढ़ता हूँ | 
५. मैं शुक्रवार को विज्ञान पढ़ता हूँ | 
६. मैं शनिवार को खेलता हूँ | 
७. मैं इतवार को आराम करता हूँ | 


उत्तर - १. इस चित्र में मैं लोमड़ी, कौआ और जंगल देख रहा हूँ | 
२. लोमड़ी पेड़ के नीचे खड़ी है | 
३. कौआ पेड़ की डाल पर बैठा है | 

उत्तर - ४. कौए के मुँह में पनीर का टुकड़ा है | 
५. लोमड़ी कौए के मुँह के पनीर के टुकड़े को देख रही है | 
६. वह पनीर का टुकड़ा खाना चाहती है | 
७. यदि कौआ कांय कांय करेगा तो पनीर का टुकड़ा उसके मुँह से नीचे गिर जाएगा | 
८. पनीर नीचे गिरने पर लोमड़ी वो पनीर खा लेगी | 


उत्तर - १. टुकड़ा  २. वृक्ष   ३. खुशामद   ४. अवश्य   ५. चोंच  ६. तुम्हारा  ७. सुन्दर  ८. बैठा   ९. भूखी 

उत्तर - १. सही  २. सही  ३. सही  ४. गलत  ५. सही  ६. गलत  ७. सही  ८. सही  ९. गलत  १०. गलत  ११. गलत  १२. सही 
उत्तर - १. बंद है  २. खुली है  ३. दिया जला हुआ है  ४. जली है  ५. लगा है  ६. बैठा है  ७. खड़ा है  ८. लेटा है  
उत्तर - मुन्नी ने अपने पिता की कमीज पहनी हुई है | 
मुन्नी ने अपनी माँ का पर्स लिया हुआ है | 
मुन्ना ने अपनी माँ का ब्लाउज पहना हुआ है | 
मुन्ना ने अपनी माँ की चूड़ियाँ पहनी हुई हैं | 
मुन्ना ने अपने पिता की पैंट पहनी हुई है | 
मुन्ना ने अपने पिता के जूते पहने हुए हैं | 
उत्तर - १. एक बन्दर और एक मगरमच्छ नदी के किनारे  रहते थे | 
२. बंदर मगरमच्छ की पीठ पर बैठा है | 
३. पहले क्यों नहीं कहा ? मेरा दिल तो पेड़ पर ही रखा रहता है | 
४. बंदर मगरमच्छ को रसीले फल खाने को देता था | 
उत्तर -१. एक बंदर और मगरमच्छ नदी के किनारे रहते थे | २. बंदर मगर को रसीले फल देता था | मगर ने सोचा - बन्दर का दिल फलों को खाकर मीठा हो गया होगा | चलो मेरी पीठ पर बैठ जाओ, नदी घुमाकर लाऊँगा | बन्दर भाई , आज मैं तुम्हारा दिल खाऊँगा | अरे ! यह तुम क्या कह रहे हो ? तुम तो मेरे मित्र हो | मित्र! हा -हा - हा ! मैंने तो तुम्हारा दिल खाने के लिए ही दोस्ती की थी | पहले क्यों नहीं कहा , मेरा दिल तो पेड़ पर ही रखा रहता है | 

कक्षा छ: के लिए -

उत्तर - १. बन्दर  २. दो बिल्लियाँ  ३. तराजू  ४. पलड़े  ५. रोटी  ६. पलड़ा  ७. रोटी  ८. ऊँचा  ९. सारी  १०. थोड़ी-सी   ११. खा  १२. हमें  १३. न्याय की फीस  १४. बन्दर का मुँह 
उत्तर - १. बन्दर के हाथ में एक तराजू है |
 २. वह  तराजू से रोटी तौल रहा है | 
३. तराजू में रोटी है | 
४. यह रोटी बिल्लियों की है | 
५. बंदर के सामने दो बिल्लियाँ बैठी हैं | 
६. बिल्लियाँ बराबर -बराबर रोटियाँ खाना चाहती हैं | 
७. बंदर शेष रोटी भी खा गया क्योंकि यह उसके न्याय की फीस थी | 
८. इस कहानी का नाम है - दो बिल्लियाँ और एक बन्दर |  

उत्तर - १. यह खेत का चित्र है | २. यह किसान का चित्र है | ३. किसान खेत में हल जोत रहा है | ४. दो बैल हल खींच रहे हैं | 
१. यह बाग का चित्र है | २. माली बाग में फूल तोड़ रहा है | ३. वह फूल तोड़ -तोड़ कर टोकरी में रख रहा है |  ४. उसके दूसरी तरफ एक लड़की खड़ी है | 
१. चित्र में आदमी  कपड़े सिल रहा है | २. इसको हम दर्जी कहते हैं | ३. उसकी दूकान में कपड़े टंगे हैं | ४. उसने अपने सिर पर टोपी पहनी है | 
१. इस चित्र में आदमी कुर्सी की मरम्मत कर रहा है | २. इस काम के करने वाले को बढ़ई कहते हैं | ३. उसके एक हाथ में हथौड़ी है | ४. मैं इस चित्र में मेज , आरी ,कुल्हाड़ी देख रहा हूँ | 
उत्तर - १. पहले चित्र में मैं ऊँट और गीदड़ देख रहा हूँ | 
२. गीदड़ ऊँट को देख रहा है | 
३. दूसरे चित्र  में दोनों खरबूजों के एक खेत में हैं | 
४. दूसरे चित्र में ऊँट खरबूजे खा रहा है और गीदड़ ज़ोर -ज़ोर से चिल्ला रहा है | 
५. गीदड़ के चिल्लाने से खेत का मालिक वहाँ आ सकता है  और ऊँट खरबूजे खाते हुए पकड़ा जाएगा | 
उत्तर - ६. तीसरे चित्र में गीदड़ झाड़ियों  में छिप गया है |  ७. ऊँट को खेत का मालिक मार रहा है क्योंकि उसने ऊँट को खरबूजे खाते हुए पकड़ लिया है | ८. गीदड़ एक नीच मित्र है | ९. ऐसे नीचों की संगति से हमारी हानि होती है | 
कहानी - क्या तुम खरबूजे खाओगे ?" ऊँट गीदड़ की बात सुनकर खुश हो गया | खरबूजों का नाम सुनते ही उसके मुँह में पानी आ गया|  वह गीदड़ से बोला ," धन्यवाद मित्र , पर खरबूजे हैं कहाँ ?" गीदड़ ऊँट की बेसब्री देखकर बहुत खुश हुआ | पर अपनी ख़ुशी छुपाते हुए बोला , "चलो मित्र ! मैं तुम्हें खरबूजों के खेत पर ले चलता हूँ |"  
दोनों खरबूजे के खेत में पहुँचे | ऊँट तो भूख से बेहाल था , वह तो तुरंत ही खरबूजे देखकर अपने को रोक न सका और जल्दी -जल्दी खरबूजे खाने लगा | गीदड़ ने ज़ोर -ज़ोर से चिल्लाना शुरू किया | इससे पहले ऊँट उसे कुछ कहता , खेत का मालिक वहाँ आ गया | गीदड़ तो पहले से ही झाड़ियों के पीछे छुप गया था और ऊँट को तो भागने का अवसर ही न मिला | खेत के मालिक ने उसे डंडों से मार-मार कर खेत से भगा दिया |  

उत्तर -  यह सुबह का चित्र है | लड़का बिस्तर बैठा दिखाई दे रहा है | 
लड़का अपने दाँतों को मंजन से साफ/दातुन  कर रहा है |  उसके कंधे पर तौलिया है | 
यह स्नानगृह/घर का चित्र है | लड़का स्नान कर रहा है | 
लड़के के हाथ में गिलास है | लड़के के  साथ उसकी माता दिखाई दे रही  है | 
इस चित्र में लड़का अपने कमरे में बैठा है | वह मेज़ पर बैठा लिख रहा है | 
उत्तर - ६. खाना खाकर वह शाला जाएगा | शाला से लौटकर वह खेलने जाएगा | 
७. चित्र में लड़का खेल रहा है | इस खेल को हॉकी कहते हैं | 
८. इस चित्र में लड़का खाना खा रहा है | चित्र  में लड़का अपनी माँ के साथ है | 
९. इस चित्र में लड़का बिस्तर पर सो रहा है | यह रात का चित्र है |  
उत्तर - १. हमारे राष्ट्रध्वज  कहते हैं क्योंकि इसमें तीन रंग हैं | 
२. ऊपर वाली पट्टी का रंग केसरिया है | 
३. नीचेवाली पट्टी का रंग हरा है | 
४. झंडे के बीच में जो चक्र है, उसका नाम अशोक चक्र है | 
५. हम झंडा स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर फहराते हैं | 
६. हमें राष्ट्रध्वज की इज़्ज़त करनी चाहिए क्योंकि यह हमारे देश की शान और इज़्ज़त है |  
उत्तर - १. यह मेले का  चित्र है| 
२. डुगडुगी मदारी बजा रहा है | 
३. मदारी के हाथ में डंडा है | 
४. चित्र में बन्दर और बंदरिया नाच रहे हैं | 
५. तमाशा दिखाने के बाद मदारी  को पैसे मिलेंगे |  

उत्तर - ६. तमाशा बच्चे , बूढ़े , औरतें देख रहे हैं | 
७. बंदरिया दुल्हनिया बनी हुई है | 
८. जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार करना अनुचित है क्योंकि हम उनकी स्वतंत्रता छीन कर उन्हें अपना गुलाम बना रहे हैं और उन्हें अपने इशारों पर नचाते हैं | 
९. हमारे स्कूल में हर साल मेला लगता है | इस मेले में कक्षा एक से लेकर कक्षा बारह तक के छात्र और छात्राएँ भाग लेते हैं | यह मेला दिसंबर के तीसरे सप्ताह में शुक्रवार को लगता है | मेला ३ बजे दोपहर में शुरू होता है और ७ बजे खत्म होता है | मेले में छात्र और छात्राओं के माता -पिता , संबंधी और मित्र आते हैं | मेले में करीब १००० लोग होते हैं | मेले में तरह -तरह की दुकानें होती हैं जैसे कि - कैलेण्डर , मिट्टी के खिलौने , डायरी , पेपर से बने खिलौने , खाने की तरह -तरह चीजों की | सब लोग इस दिन स्कूल के डाइनिंग हॉल द्वारा बने दोसा का स्वाद लेने आते हैं | इसके अलावा केक , चाट आदि दुकानों पर भी भीड़ होती है | मुख्य बात यह है कि इस मेले में हम छात्र और छात्राओं द्वारा बनी चीजों को बेचा जाता है | ये सब चीजें छात्र और छात्राएँ मेले से पहले बनाते हैं | बड़ी धूमधाम मेले के दिन होती है | 
२. बूढ़े , आदमी , लड़कियाँ , कम , खुला | 
३. मेला , मदारी , झूला , तमाशा , बच्चे | 
४. लड़का झूला झूल रहा है | बच्चा , बूढ़ा और औरत तमाशा देख रहे हैं | यहाँ  पर एक दूकान है | लोग इसको पैसा देंगे | 
५. बंदरिया भी नाच रही थी | तमाशा दिखाने के बाद मदारी को पैसे मिले थे | मदारी के हाथ में डंडा था | मेला लगा हुआ था | मदारी डुगडुगी बजा रहा था |  
उत्तर -१. यह खिलौनों की दुकान है |
२. खिलौनों की दुकान पर साईकिल , क्रिकेट बल्ला ,गेंद , कार , हॉकी आदि खिलौने मिलते हैं | 
३. लड़का पिता साइकिल लेने को कह रहा है | 
४. साइकिल लेकर वह उसे चलाएगा | 
५. दुकानदार उसे साइकिल दिखा रहा है और उस साइकिल की विशेषताएँ बता रहा है | 
६. साइकिल लेने से पूर्व लड़के का पिता दुकानदार से साइकिल के दाम और साइकिल की गारंटी पूछेगा | 
७. दुकानदार साइकिल देकर लड़के के पिता से साइकिल के दाम चाहेगा | 
८. मुझे क्रिकेट का बल्ला और गेंद अच्छा लगता है | 
९. मेरे पास के बड़ी-सी कार है जिसमें बैटरी लगी है | मैं उस पर बैठकर कार चलाता था पर अब मेरा छोटा भाई इसे चलाता है क्योंकि मैं बड़ा हो गया हूँ | 
१०. पुराने खिलौनों को मैं अपने घर काम करने वाले लोगों के बच्चों को या अनाथालय जाकर उन बच्चों को देता हूँ |   

उत्तर -भेड़ें चराने , रेलगाड़ी , गाड़ी , टूटी पटरी , लोगों की , बालक ने | 

उत्तर - कमीज , दौड़ , ड्राइवर ने , सैंकड़ों लोगों की , स्कूल  में | 
१. बालक गड़रिये का अथवा भेड़ें चराने का काम करता था | 
२. गाड़ी आते देख कर बालक ने अपनी कमीज निकाली और उसे हवा में उड़ाते हुए पटरी पर दौड़ लगाने लगा | 
३. बालक ने इशारे से ड्राइवर को गाड़ी रोकने के लिए कहा | 
४. गाड़ी यदि ने रुकती तो गाड़ी टूटी पटरी से उतर जाती और सैंकड़ों लोगों की जानें चलीं जातीं | 
५. गाड़ी रुकने से सैंकड़ों लोगों की जानें बच गईं | 
६. अंत में बालक को पुरस्कार मिला और उसे पढ़ने के लिए स्कूल में दाखिल करा दिया गया | 

उत्तर - १. पुल पर रेल की पटरी टूटी हुई है | 
२. दूसरी ओर से रेलगाड़ी आती  
३. आती तो रेलगाड़ी टूटी पटरी से उतर जाती 
४. बालक ने अपनी कमीज निकाली और हवा में उड़ाते हुए पटरी पर दौड़ने लगा |  
५. आगे चलकर देखा तो पाया कि पटरी टूटी हुई है | 
६. लोगों की जानें बच गईं | 
७. गले  लगा लिया | 
८. लोगों ने बालक की बहुत | 
९. उस बालक को पुरस्कार मिला और पढ़ने के लिए स्कूल  में दाखिल करा दिया गया | 


उत्तर - १. लोग मोर की प्रशंसा करते थे क्योंकि वह बहुत सुन्दर था | 
२. कौए की निंदा होती थी क्योंकि वह सुन्दर नहीं था | 
३. कौए ने सुन्दर बनने के लिए मोर के पंख अपनी पूँछ में लगा लिए | 
४. इधर -उधर से गिरे हुए पंख कौए ने उठा लिए थे | 
५. मोर पंख लगाकर कौए ने सोचा कि अब सब लोग उसकी प्रशंसा करेंगे | 
६. जब वह मोरों के बीच गया कि दूर हट जा यहाँ से | तूने हम मोरों के पंख चुरा लिए हैं | चोर कहीं का | भाग यहाँ से | 
७. कौओं ने कहा कि हट नकली मोर, हम तुम्हें पसंद नहीं करते | तू तो मोरों का पिटठू है | 
८. इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि भगवान ने जैसा बनाया है , उसी में हमें खुश रहना चाहिए | 

१. प्रशंसा  २. सुंदर , प्रशंसा    ३. निंदा 
उत्तर - ४. इधर -उधर  ५. प्रसन्न  ६. संतोष  ७. धक्का  ८. पिटठू | 
१.  कौआ मोर से अधिक ऊँचा उड़ सकता है | २. सभी मोर की प्रशंसा करते थे | ३. बुरे लोगों की सब जगह निंदा होती है | ४. मोरों ने कौए को धक्का देकर कहा | ५. चोरों की कोई प्रशंसा नहीं करता | ६. मोर के पंख बहुत सुन्दर होते हैं | 

उत्तर - भेड़ें , दिन , बालक , सोचे -समझे , चिल्लाना , भेड़िया आया , पुकार , भेड़िया 

उत्तर - लोगों , हँस रहा , भेड़िया , भेड़ों में आ घुसा , फिर , चिल्लाना , भेड़ | 


उत्तर - १. इस पाठ में कबूतर , कौआ , मोर , चील , तोता , मुर्गा पक्षियों के चित्र हैं | 
२. तोते का रंग हरा होता है | 
३. काला रंग कौए का होता है | 
४. इन पक्षियों में से सबसे सुन्दर पक्षी मोर है |  
५. इनमें से मोर और मुर्गे के सिर पर कलगी होती है | 
६. तोता हरी मिर्च खाता है | 
७. इनमें से कौआ और चील माँस खाते हैं | 
८. सबसे चालाक पक्षी चील है | 
९. सबसे भोला -भाला पक्षी कबूतर है | 
१०. इन पक्षियों में से सबसे ऊँचा चील उड़ती है | 


उत्तर - १. हम गाय , भैंस , बकरी , ऊँट , खच्चर , गधा , घोड़ा , कुत्ता और बिल्ली आदि पशु पालते हैं | 
२. हम गाय , भैंस , बकरी और ऊँट का दूध पीते हैं | 
३. भार ढोने वाले पशु ऊँट , खच्चर , गधा और घोड़ा हैं | 
४. हम माँसाहारी पशु कुत्ते और बिल्ली को पालते हैं | 
५. छ: शाकाहारी पशु हैं - गाय , भैंस , ऊँट, बकरी , खच्चर , गधा  और घोड़ा | 
६. जीभ से पानी माँसाहारी पशु पीते हैं | 
७. गाय , भैंस , बकरी , खच्चर , गधा और घोड़ा जुगाली करते हैं | 
८. कुत्ता और बिल्ली जुगाली नहीं करते | 
९. कुत्ता और बिल्ली के दोनों जबड़ों में दाँत होते हैं |  

उत्तर - १. यह चित्र बाग का है | 
२. इसके दरवाजे के सामने एक कार खड़ी है | 
३. बगीचे में आम का पेड़ दिखाई दे रहा है | 
४. पेड़ की डालियों में आम लटक रहे हैं | 
५. झूले पर बच्चे झूला झूल रहे हैं | 
६. बैंच पर एक औरत बैठी है | 
७. चबूतरे के बीच में गमला रखा हुआ है | 
८. माली फुलवारी के पास खड़ा हुआ है | 
९. माली मिट्टी खोद रहा है |
१०. लड़की और लड़का फूल तोड़ रहे हैं |  

उत्तर - १. पहले चित्र में अंधा सड़क के एक तरफ खड़ा है | 
२. सड़क पर मैं एक कार देख रहा हूँ | 
३. दूसरे चित्र में एक लड़का है जो स्कूल जा रहा है | 
४. उसने पीठ पर स्कूल ले जाने वाला एक थैला लटका रखा है | 
उत्तर - ५. रमेश स्कूल जा रहा था | 
६. वह अंधे की ओर बढ़ रहा था |
७. तीसरे चित्र में लड़का अंधे को सड़क पार करा रहा है | 
८. सड़क दोनों तरफ देखकर पार करनी चाहिए | 
९. रमेश के कंधे पर अंधे ने हाथ रखा है और रमेश उसे सड़क दोनों तरफ देख उसे सड़क पार करा रहा है | 
१०. सड़क पार करने के बाद अंधे ने रमेश को धन्यवाद देकर आशीर्वाद दिया | 
११. वह आशीर्वाद हो सकता है - भगवान तुम्हारा भला करे | जुग -जुग जियो | 

उत्तर - १. लोहे , पटरी  २. प्लेटफार्म | 
उत्तर - ३. इंजन  ४. डिब्बे  ५. यात्री , करते हैं  ६. टिकटघर  ७. प्लेटफार्म  ८. सैंकड़ों ,यात्रा | 
२. रेलगाड़ी के डिब्बे में ७० के करीब यात्री बैठ सकते हैं | 
३. रेलगाड़ी के चलने पर छक छक आवाज़ आती है | 
४. रेलगाड़ी में लोहे के पहिए लगे होते हैं | 
५. रेलगाड़ी से सैंकड़ों मील की यात्रा कर सकते हैं | 
६. रेलगाड़ी हर बड़े और छोटे स्टेशन पर रूकती है | 
७. रेलगाड़ी से सैंकड़ों लोग यात्रा कर सकते हैं | 



उत्तर - १. पहला चित्र घर का है जो रामनगर में हैं | 
२. मेरा घर जे. पी. नगर में है | 
३. इस घर में पिताजी, माताजी, दो बहनें और दो भाई रहते हैं | 
४. मेरे घर में मेरे माता -पिता , मेरी बहन और मैं रहती हूँ | 
५. मेरी माता जी घर संभालती हैं , हमारा ध्यान रखती हैं और हम सब के लिए खाना पकाती हैं | 
६. मेरे पिताजी इंजीनियर हैं , वे एक प्राइवेट कम्पनी में काम करते हैं | वे हमें पढ़ाने में मदद करते हैं | 
७. मेरी एक बहन है | 
८. मेरी बहन का नाम मीरा है | 
९. मेरी बहन कक्षा दो में पढ़ती है | 
१०. मेरा कोई भाई नहीं है | 
उत्तर - १. गाय को गौशाला/गोठ में खूँटे से बाँधा गया है | 
२. ग्वाला गाय का दूध दुह रहा है | 
३. गाय बछड़े को चाट रही है | 
४. बछड़ा गाय का दूध पी रहा है | 
५. गाय बछड़े को दूध पिला रही है | 
६. बछड़े बड़े होकर बैल बनते हैं | 
७. वे हल जोतने के काम आते हैं | 
८. किसान खेत में हल जोतता है | 
९. गाय चराने के लिए चरागाह जाती है | 
१०. वह वहाँ घास खाती है | 
उत्तर- ११. दूध जमाने से दही बनता है | 
१२. दही बिलोने से मक्खन बनता है | 
१३. गाय के दूध से छाछ , मक्खन , मिठाई , मावा आदि बनते हैं  |
१४.  गाय की हड्डी से कंघी , खिलौने , बटन आदि बनते हैं | 
१५. गाय के चमड़े से थैला , बैल्ट , पर्स आदि बनते हैं | 
उत्तर - चूजा , चूजा , मुर्गा , मुर्गे , चूजे , मुर्गा , बतख , बतख , चूजे , बतख , लोमड़ी , लोमड़ी , चूजे | 
उत्तर - १. चूजे को रास्ते में मुर्गा , बतख , लोमड़ी मिले | 
२. चूजे के सिर पर आसमान गिरा | 
३. मुर्गे ने चूजे से पूछा - भागते क्यों हो? 
४. चूजे ने कहा - आसमान गिर रहा है | तुम भी भागो | 
५. अंत में सबको लोमड़ी मिली | उसने सबसे कहा - भागो मत | तुम सब मेरे पीछे आओ | मैं तुम सब को बिल में छुपा दूँगी | 
६. लोमड़ी ने चालाकी से उन्हें अपनी गुफा में छुपा दिया होगा | फिर उन्हें मारकर खा गई होगी | 
७. इस कहानी से हम सीखते हैं कि हमें बिना सोचे समझे किसी की बातों में नहीं आना चाहिए | 
२. चूजे , मुर्गे , बतखें , लोमड़ियाँ | 
३. चूजा - दड़बे में , मुर्गा -दड़बे में , बतख -पानी में , लोमड़ी - जंगल में | 

उत्तर - १. दोनों चिड़ियों के नाम चम्पी और रम्पी थे | 
२. एक दिन चम्पी ने रम्पी से कहा कि तू क्यों इठलाती है , तुझे किस बात का घमंड हुआ है , और, तू क्यों सिर मटकाती है ? 
३. रम्पी ने उत्तर दिया कि तू क्यों भड़काती है , मैं रोज काम पर जाती हूँ और तेरा दिया नहीं खाती हूँ | 
४. रम्पी मारने के लिए आगे बढ़ी क्योंकि चम्पी ने कहा कि सिर मेरा है और मैं मटकाती हूँ | तेरी मुझे देखकर छाती क्यों जलती है | 
५. रम्पी और चम्पी भाग गईं क्योंकि बिल्ली वहाँ आ गई थी | 
६. अंत में दोनों एक -दूसरे को प्यार दिखाने लगीं जब उन्होंने बिल्ली को देखा | 
कक्षा सात के लिए 

उत्तर - १. मैं पहले चित्र में काले -काले बादल और बिजली चमकते हुए देख रही हूँ | 
२. दूसरे चित्र में मैं मोरों को नाचते हुए देख रही हूँ | 

उत्तर -३.  जब काले -काले बादल आते हैं -
तो बिजली तड़ -तड़ चमकती है | 
बादल की  गड़गड़ाहट की आवाज  होती है | 
पेड़, घास लहराते हैं | 
मोर नाचते हैं | पपीहा बोलते हैं | 
४. बादलों की गरज सुनकर मोर नाचते हैं | 
५. नारियाँ बादलों को देखकर ख़ुशी से गीत गाती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि काले बादल छाने से बारिश आएगी | 
६. बादल जब गरजता है तो गड़ -गड़ की आवाज होती है | 
संज्ञाएँ - बादल , पानी , बिजली , पेड़ , घास , मोर , कान , मिसरी , नारियाँ , गायें | 
क्रियाएँ - आए , लाए , गरजे , चमके , झूमे , लहराए , नाचे , बोले , घोलें , गायें | 


१. बादल गरजते हैं | २. पानी बरसता है | ३. बिजली कड़कती है | ४. पेड़ झूमते हैं |  ५. घास लहराती है | ६. मोर  नाचते हैं | ७. नारियाँ गाती हैं | 
१. नारियाँ  २. पेड़  ३. मोर  ४. बिजली | 
बादल के आने पर अन्धेरा हो जाता है | 
बादलों के आने पर गरजने की आवाज होती है | 
बादलों के आने पर ठंडी हवा चलती है | 
बादलों के आने पर बिजली चमकती है | 
बादलों के आने पर पेड़ झूमते हैं | 
बादलों के आने पर मोर नाचते हैं | 
बादलों के आने पर नारियाँ ख़ुशी से गीत गाती हैं | 
बादलों के आने पर वर्षा होती है | 
बादलों के आने पर गर्मी भाग जाती है | 
बादल आने पर बच्चे बाहर आकर खेलने लगते हैं | 
उत्तर - १. इस चित्र में खड़े होकर बच्चे प्रार्थना कर रहे हैं | 
२. उन्होंने आँखें बंद कर रखी हैं क्योंकि वे प्रार्थना कर रहे हैं | 

उत्तर - ३. उनके हाथ जोड़ने की मुद्रा में हैं | 
४. वे भगवान् से प्रार्थना कर रहे हैं | 
५. प्रभु दाता हैं , उन्होंने हमें बल , बुद्धि और ज्ञान दिया है | 
६. इस प्रार्थना में प्रभु से गुणवान और सभ्य होने की शक्ति माँगी गई है | 
७. इस प्रार्थना में बच्चों ने भगवान से माता , पिता, भ्राता , त्राता और साथी का सम्बन्ध बताया गया है | 
८. यदि हम निर्बल है तो भगवान् बल के दाता हैं और सबल हैं | 

१. यदि हममें शक्ति है तो हम कुछ भी कर सकते हैं | 
२. भगवान् से भक्ति करने से हमें कभी भी दुःख न होगा | 
३. सभ्य व्यक्ति सभी को अच्छा लगता है | 
४. निर्बल को सताना नहीं चाहिए | 
५. हमें दाता बनकर सबकी मदद करनी चाहिए | 
६. हमें भ्राता बनकर सभी के साथ सहयोग करना चाहिए |  
उत्तर - १. भगवान में  २. हम निर्बल हैं  ३. प्रार्थना करते हैं  ४. शक्ति  ५. माता, पिता , भ्राता और त्राता  ६. भ्राता , त्राता , प्रदाता  ७. शांत हो जाता है  

उत्तर - १. यह कक्षा का दृश्य है | 
२. इस चित्र में हम पंद्रह विद्यार्थियों को देख रहे हैं | 
३. गुरु जी विद्यार्थियों के सामने खड़े हैं | 
४. गुरु जी ने कमीज और पैंट पहनी है | 
५. वे विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं | 
६. एक लड़का खड़ा होकर गुरु जी के प्रश्न का जवाब दे रहा है | 
७. श्यामपट पर गिनती लिखी है | 
८. श्यामपट दीवार पर टँगा है | 
९. मैं दो खिड़कियाँ देख रहा हूँ | 
१०. नहीं , खिड़कियाँ बंद हैं | 
११. बच्चे डेस्कों और ढ़लुआँ मेज पर बैठे हैं | 
१२. वे अध्यापक को सुन रहे हैं | 
१३. बच्चों के सामने डेस्कों पर किताबें और कापियाँ पड़ी हैं | 
उत्तर - १. दरवाजे पर डाकिया खड़ा है | 
२. उसके दाहिने हाथ में पत्र है | 
३. उसके कंधे पर झोला और थैला है | 
४. उसने खाकी वर्दी पहनी है | 
५. उसके पैरों में चप्पलें हैं | 
६. नहीं , वह आदमी बूढ़ा नहीं है | 
७. उसकी झोली और थैले में पत्र , मनीआर्डर आदि हैं | 
८. वह यहाँ पत्र देने के लिए आया है | 
९. लड़का दरवाजे पर खड़ा है | 
१०. उसके पास उसकी माँ खड़ी है | 
११. वे दोनों खुश दिखाई दे रहे हैं | 
१२. दरवाजे के सामने दो सीढ़ियाँ दिखाई दे रही हैं | 
१३. दरवाजे की चौखट पर तोरण बँधा हुआ है | 
१४. अब यहाँ से डाकिया दूसरी जगह अथवा दूसरे घर पर पत्र देने जाएगा | 
१५. वह दिन में दो बार पत्र बाँटने आता है | 
उत्तर - एक व्यापारी था | वह टोपियाँ बेचता था | एक दिन वह टोपियों की गठरी लेकर बाज़ार जा रहा था | धूप तेज़ थी | रास्ते में वह एक वृक्ष के नीचे बैठकर सुस्ताने लगा | थोड़ी देर में उसे नींद आ गई | 
वृक्ष पर कई बन्दर बैठे थे | व्यापारी को सोता देखकर सारे बन्दर नीचे उतरे और उन्होंने गठरी खोलकर देखा | गठरी में टोपियाँ थीं | व्यापारी के सिर पर भी वही टोपी थी | तब बंदरों ने भी एक -एक टोपी | 
एक मदारी था | वह कटोरियाँ बेचता था | एक दिन वह कटोरियों की गठरी लेकर बाजार जा रहा था | धूप तेज थी | रास्ते में वह एक पुल के नीचे बैठ कर सुस्ताने लगा | थोड़ी देर में उसे नींद आ गई | 
पुल पर कई कौवे बैठे थे | मदारी को सोता देखकर सारे कौवे नीचे उतरे और उन्होंने गठरी खोलकर देखा | गठरी में कटोरियाँ थीं | मदारी के सिर पर भी वही थी | तब कौवों ने भी एक -एक कटोरी | 

उत्तर - अपने -अपने सिर पर रख ली और पेड़ पर जा बैठी | 
थोड़ी देर बाद व्यापारी की आँख खुली तो वह अपनी टोपियाँ न देखकर बौखला गया | वह अपना सिर धुनकर रोने लगा |  तभी उसकी दृष्टि वृक्ष के ऊपर गई | वृक्ष पर कई बंदर उसकी टोपियाँ पहने बैठे थे | 
बेचारा व्यापारी सिर धुनकर कहने लगा - हे भगवान् , अब मैं क्या करूँ ?  यह कहकर उसने अपने सिर से टोपी उतार कर फेंक दी | 
तभी सारे बन्दर भी उसकी नक़ल करते हुए अपने -अपने सिर से टोपियाँ उतार कर नीचे फेंक दी | 
अब व्यापारी अपनी सारी टोपियाँ उठाकर बाजार चला गया | 

अपने -अपने सिर पर रख ली और पेड़ पर जा बैठी | 
थोड़ी देर बाद मदारी की आँख खुली तो वह अपनी कटोरियाँ न देखकर बौखला गया | वह अपना सिर धुनकर रोने लगा | तभी उसकी दृष्टि पुल के ऊपर गई | पुल पर कई कौवे उसकी कटोरियाँ पहने बैठे थे | 
बेचारा मदारी सिर धुनकर कहने लगा - हे भगवान् ,अब मैं क्या करूँ ? यह कहकर उसने अपने सिर से कटोरी उतार कर फेंक दी | 
तभी सारे कौवे भी उसकी नक़ल करते हुए अपने -अपने सिर से कटोरियाँ उतार कर नीचे फेंक दी | 
अब मदारी अपनी सारी कटोरियाँ उठाकर बाजार चला गया | 

उत्तर - १. कल्लू विद्यालय जा रहा था | 
२. वह विद्यालय नहीं जाना चाहता था क्योंकि वह खेलना चाहता था | 
३. उसने चिड़िया से कहा कि आओ , मेरे साथ खेलो | 
४. चिड़िया ने उत्तर दिया कि मैं घोंसला बना रही हूँ , मैं तेरे साथ नहीं खेलूँगी | 
५. च्यूंटी ने कल्लू को मूर्ख कहा क्योंकि वह काम कर रही थी और कल्लू उसे खेलने के लिए कह रहा था | 
६. च्यूंटी काम कर रही थी और वह दाना इकट्ठा कर रही थी | 
७. च्यूंटी का उत्तर सुन कल्लू सोचने लगा कि सभी अपना -अपना काम कर रहे हैं , भला मैं अपना काम क्यों न करूँ ? नहीं , मैं भी नहीं खेलूँगा | मैं भी पढ़ने विद्यालय जाऊँगा | 
उत्तर - १. कल्लू को खेलना पसंद था | 
२. च्यूंटी को काम करना पसंद है | 
३. मैं तुम्हारे साथ बाज़ार नहीं जाऊँगा | 
४. वह मूर्ख की तरह बात कर रहा था | 
५. चलो, इकट्ठा हो कर खेलें | 
६. हम रोज विद्यालय जाते  हैं | 

संज्ञाएँ - लड़का , विद्यालय , साथी , चिड़िया , घोंसला , च्यूंटी 
क्रियाएँ - था , जा रहा था, चाहता था , खेलें , है , जाऊँगा 
सर्वनाम - वह , उससे , मेरे , मैं , तेरे, उसे , हम | 

उत्तर - १. चित्र में चुहिया का बच्चा खड़ा होकर बिल्ली और मुर्गे को देख रहा है | 
२. उसने पहले मुर्गे को देखा था | 
३. चार पाँवो वाला प्राणी बिल्ली था | 
४. बिल्ली म्याऊँ -म्याऊँ बोलती है | 
५. मुर्गा कुकड़ूँ -कूँ बोलता है | 
६. बच्चा बिल में जा घुसा क्योंकि उसने पहले दो पैरों वाला फिर चार पैरों वाला प्राणी देखा | 
७. चुहिया ने बच्चे से पूछा कि वह घबराया हुआ क्यों है ?

१. यह एक नन्हा बालक है | 
२. तुम नदी की ओर क्यों जा रहे हो ?  
उत्तर - ३. कुत्ता चार पैर वाला प्राणी है | 
४. मुर्गी अंडे देती है | 
५. मुर्गा कुकड़ूँ -कूँ बोलता है | 
६. मुझे आज किसी चीज़ की आवश्यकता नहीं है | 
७. बिल्ली दूध पीती है | 
८. कुत्ता बिल्ली का दुश्मन होता है | 
९. प्रत्येक व्यक्ति को सच बोलना चाहिए | 
१०. वह सच्चा मित्र नहीं है | 


उत्तर - १. धोबी के पास दो पशु - कुत्ता और  गधा थे | 
२. गधा धोबी का भार ढोया करता था | 
३. कुत्ता धोबी के घर की रखवाली किया करता था | 
४. धोबी को झट नींद आ गई क्योंकि वह बहुत थका हुआ था | 
५. चोर को देखकर कुत्ता नहीं भौंका क्योंकि वह अपने मालिक से नाराज़ था क्योंकि उसके मालिक ने उसे खाने के लिए रोटी नहीं दी थी | 
६. गधे ने कुत्ते से कहा कि अरे कुत्ते, भौंकता क्यों नहीं? , चोर आया है 
७. कुत्ते ने उत्तर  दिया कि वह क्यों भौंके ? आज मालिक ने उसे खाने के लिए रोटी नहीं दी ? 
८. गधे ने फिर ढींचू -ढींचू किया ताकि चोर चोरी न कर सके | 
९. गधे के ढींचू -ढींचू करने पर धोबी ने एक डंडा लेकर उसे तड़ातड़ मारा | 
१०. इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि जिसका काम उसी को साजे , और करे तो डंडा बाजे | 

उत्तर - १. जो काम के समय रोटी मांगता है | 
२. जो सेवक का ध्यान नहीं रखता | 
३. तड़ातड़ मारने लगा | 
४. गुस्सा आया | 
५. डंडा बाजे | 
६. सेवक | 
७. मालिक | 
८. ढींचू -ढींचू | 
९. भौं -भौं | 
प्राणीवाचक - कुत्ता , धोबी , चोर , स्वामी , सेवक 
भाववाचक - रखवाली , नींद , धिक्कार , ध्यान , चोरी ,क्रोध , काम 
वस्तुवाचक - घर , रोटी , कपड़ा 
समयवाचक - रात , दोपहर  


उत्तर - १. शैतान बन्दर कभी कपडे उठाकर ले जाता , कभी रोटियाँ और कभी फल -सब्ज़ी | 
२. बन्दर एक घर में घुसा | वहाँ पर एक लोटा पड़ा था , उस लोटे में थोड़ा दूध था | बंदर वह दूध पीने लगा, लोटे की गर्दन तंग थी ऐसे बन्दर के गले में लोटा फँस गया | 
३. लोटा फँसने पर बंदर अपनी गर्दन निकालने के लिए छटपटाने लगा | 
४. उसे देखकर लोग प्रसन्न हो रहे थे और कह रहे थे कि शैतान को अच्छा फल मिला | 
५. उस पर दया एक सज्जन व्यक्ति को आई | 
६. सज्जन व्यक्ति एक लोहार को बुलाकर ले आया | 
७. लोटे को लोहार ने काटा | 
८. लोटे को लोहार ने  आरी से काटा | तब जाकर कहीं बंदर को लोटे से छुटकारा मिला | 

उत्तर - दुर्जन हमेशा दूसरों का बुरा करते हैं | 
हमें गरीबों को तंग नहीं करना चाहिए | 
मुझे उस घटना की विस्तृत जानकारी चाहिए | 
वह भूल जाता है कि उसने क्या कहा था ?
आजकल मुझे बचपन की बातें याद आती हैं | 
मुझे उससे काम निकालना आता है | 
तुम क्यों मुझे इस झगडे में डाल रहे हो ? 
मैं बहुत प्रसन्न था जब मेरी माँ मेरे लिए नई साइकिल लाईं | 


उत्तर - १. मेरी माता जी मेरे हर काम में मेरी मदद करती हैं | वे मेरे लिए स्वादिष्ट खाना भी बनाती हैं | 
२. भारत की भूमि अन्न , फल , सब्जी देने के साथ हमें हर तरह का आराम देती है और हमारे सारे काम पूरे करती है | 
३. इस कविता में भारत -भूमि को प्रणाम कहा गया है | 
४. हम जो पानी पीते हैं , वह भारत में बहने वाली नदियों से आता है | 
५. हमें भारत माता गेहूँ , ज्वार , मक्का , बाजरा , चावल , रागी आदि अनाज देती है | 
६. भारत के पाँच फल हैं - आम , केला, सेब , संतरा , अमरूद | 
७. भारत के पाँच फूल हैं - कमल , गुलाब , गेंदा , चम्पा , चमेली | 


उत्तर - १. हमें अपने से बड़ों को प्रणाम करना चाहिए | 
२. कल ही उसके घर एक कन्या का जन्म हुआ है | 
३. इस कुएँ का नीर बहुत मीठा है | 
४.  अपना  घर ही सुख-धाम है | 
५. यह कार्य पूर्ण करने के बाद मैं आऊँगी | 
६. उसका पुत्र कल विदेश से आएगा | 
७. अन्न खाने से शक्ति मिलती है |  


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